Class 6 Hindi Lesson 15 Question and Answer
पाठ-15
होली आई रे
1. उत्तर दो :
(क) होली में हम क्या करते हैं?
उत्तर : होली में हम रंग-गुलाल खेलते हैं, एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, पकवान और मिठाइयाँ बनाते हैं, और खूब धूमधाम से यह त्योहार मनाते हैं।
(ख) होली कब मनाई जाती है?
उत्तर : होली फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है।
(ग) बाजार में क्या-क्या सामान बिक रहा था?
उत्तर : बाजार में लाल, पीला, हरा, नीला जैसे तरह-तरह के रंग, गुलाल, पिचकारियाँ, रंग-बिरंगी टोपियाँ और अलग-अलग प्रकार के मुखौटे बिक रहे थे।
(घ) स्नेहा और अयन ने क्या-क्या खरीदे?
उत्तर : स्नेहा और अयन ने अपनी-अपनी पसंद की पिचकारियाँ खरीदीं। उन्होंने बहुत सारे रंग और गुलाल भी खरीदे।
(ङ) होलिका दहन में क्या होता है ??
उत्तर : होलिका दहन में एक दिन पहले लोग चौराहे पर लकड़ी आदि इकट्ठा करके उसे जलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे दुष्ट शक्तियों का नाश होता है।
2. उत्तर लिखो :
क) स्नेहा को क्या चाहिए था ?
उत्तर : स्नेहा को लाल रंग की लंबी पिचकारी चाहिए था।
ख) पिताजी के साथ कौन-कौन बाजार गए ?
उत्तर : पिताजी के साथ स्नेहा और अयन बाजार गए।
ग) किस उत्सव को ‘रंगों का त्योहार’ कहा जाता है ?
उत्तर : होली को ‘रंगों का त्योहार’ कहा जाता है।
घ) सड़क के किनारे दुकानों में क्या सजी हुई थी ?
उत्तर : सड़क के किनारे दुकानों में रंग-बिरंगी और विभिन्न आकार की पिचकारियाँ, लाल, पीले, हरे, नीले आदि रंग, रंग-बिरंगी टोपियाँ और अलग-अलग प्रकार के मुखौटे सजी हुई थी ।
ङ) होलिका दहन में लोग ढोल बजाकर क्या कर रहे थे ?
उत्तर : होलिका दहन में लोग ढोल बजाकर गाना गा रहे थे।
3. होली में प्रयोग होने वाली विभिन्न चीजों की एक सूची बनाओ।
उत्तर : रंग, गुलाल, पिचकारियाँ, रंग-बिरंगी टोपियाँ, मुखौटे, मिठाइयाँ, ढोल आदि ।
5. आओ, बातचीत करें :
(क) होली के अलावा हमारे देश में और कौन-कौन से उत्सव मनाए जाते हैं?
उत्तर : होली के अलावा हमारे देश में दीवाली, रक्षाबंधन, दशहरा, ईद, क्रिसमस, बिहु आदि उत्सव मनाए जाते हैं ।
(ख) तुम होली के दिन क्या-क्या करते हो ?
उत्तर : मैं होली के दिन रंगो से खेलता हूँ ।
(ग) विभिन्न उत्सवों के अवसर पर तुम्हारे घर में क्या-क्या पकवान बनते हैं?
उत्तर : विभिन्न उत्सवों के अवसर पर हमारे घर में तरह-तरह के स्वादिष्ट और खास पकवान बनते हैं।
यहाँ कुछ उत्सवों के साथ बनने वाले पकवानों की सूची है:
1. बैसागु (बिहु): अनला,सबाइ,नारजि,गोखा-गोखै,नाफाम,पीता आदि पकवान बनते हैं
2. दिवाली : दिवाली के दौरान, हम लाडू, गुजिया, नमकपारे, चिवड़ा और काजू कतली जैसी विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ और व्यंजन तैयार करते हैं।
3. होलीः होली के लिए, हम थांडाई (दूध, मेवे और मसालों से बना एक पारंपरिक व्यंजन), पूरन पोली और गुजिया जैसे विशेष व्यंजन तैयार करते हैं।
4. क्रिसमस : क्रिसमस के दिन हम भुना हुआ टर्की, प्लम केक, क्रिसमस पुडिंग और भुने हुए आलू जैसे व्यंजन ग्रेवी के साथ बनाते हैं।
6. आओ, नीचे की तालिका में उत्सवों के नाम लिखें:
उत्तर :
घर में मनाए जाने वाले उत्सव |
विद्यालय में मनाए जाने वाले उत्सव |
सामूहिक सामाजिक रूप में मनाए जाने वाले उत्सव |
बैसागु (बिहु), दीवाली, होली, रक्षाबंधन, जन्मदिन |
सरास्वती पूजा, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, शिक्षक दिवस, |
दशहरा, गणगौर, बीहू, पोंगल, ईद, क्रिसमस |
8. वाक्य बनाओ:
उत्तर :
उत्सव : होली हमारे देश का एक प्रसिद्ध उत्सव है।
रंग-बिरंगी : बाजार में रंग-बिरंगी टोपियाँ सजी थीं।
पिचकारी: बच्चों ने नई पिचकारी खरीदी।
हर्ष : होली का त्योहार हर्ष का प्रतीक है।
गुलाल: होली पर सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया।
9. आओ, निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों को पढ़ें और समझें :
(क) स्नेहा ने एक लंबी पिचकारी ली।
(ख) अयन ने एक बात पूछी।
(ग) रीमा ने स्नेहा के साथ मिठाई खाई।
अब तुम भी खाली जगहों में ‘ने’ लिखकर वाक्यों को पढ़ो और समझो :
(क) बिल्ली ने चूहा खाया।
(ख) रियान ने रोटी खाई।
(ग) राम ने पुस्तक पढ़ी।
(घ) रेहना ने भात खाया।
10. आओ, पढ़ें, समझें और लिखें
पिताजी बाजार जा रहे हैं।
माताजी बाजार जा रही हैं।
चाचाजी दिल्ली जा ……….. ।
चाचीजी हमें गणित पढ़ा………….।
दादाजी कुर्सी पर बैठे हैं।
दादीजी टी.वी. देख……… ।
उत्तर :
पिताजी बाजार जा रहे हैं।
माताजी बाजार जा रही हैं।
चाचाजी दिल्ली जा रहे हैं।
चाचीजी हमें गणित पढ़ा रही हैं ।
दादाजी कुर्सी पर बैठे हैं।
दादीजी टी.वी. देख रही हैं।
11. आओ, ‘एँ’ (“) लगाकर वचन बदलें:
बहन बहनें
लहर …………
तरंग …………
बात ………………..
उत्तर : बहन बहनें
लहर लहरें
तरंग तरंगें
बात बातें
Note: If you find any mistakes in these questions and answers, you can tell us or correct it yourself.
जुदि नोंथाङा बेफोर सोंथिफोर आरो फिननायाव माबा गोरोन्थि मोनो, अब्ला नोंथाङा जोंनो खोन्थानो हागोन एबा गावनो बेखौ सुद्रायनो हागोन।