पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 Bodo Medium Question Answer​

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पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 Bodo Medium Question Answer

The lesson “मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र” from SEBA Class 8 Hindi describes the importance, history, and cultural significance of the mighty Brahmaputra River. Written in the first person, the river Brahmaputra itself narrates its journey from the Himalayas through Tibet and Assam, explaining how it nurtures the people, land, crops, and civilization along its banks.


Through this chapter, students learn about the origin of the Brahmaputra, its different names in various regions, and the stories connected to it in mythological and historical texts. The lesson also highlights the benefits provided by the river such as fertile soil, transportation, water resources, and rich biodiversity, along with the challenges of floods caused by its strong current.


Overall, this chapter teaches students to appreciate natural resources, respect rivers as lifelines of human society, and understand the deep connection between the Brahmaputra and the culture of Assam.

पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 Bodo Medium Question Answer

पाठ-14

मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र

(आं जाबाय गोहोगोरा बुरलुंबुथुर)

अभ्यास-माला

पाठ से :

 

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दो :

(गाहायाव होनाय सोंथिफोरनि फिनखौ मोनसे सोदोबजों हो)

 

(क) ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को किस खाड़ी में सौंप देता है?

( ब्रह्मपुत्रआ जोबनायाव गावखौ बबे बोरिमायाव बावसोमो? )

उत्तर: ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को बंगाल की खाड़ी में सौंपे देता है।

 

(ख) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की माँ कौन है ?

(पुराणफोरनि बादिब्ला ब्रह्मपुत्रनि बिमाया सोर ?)

उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की माँ अमोघ है।

 

(ग) पुराणों के अनुसार ब्रहमपुत्र के पिता कौन हैं?

(पुराणफोरनि बादिब्ला ब्रह्मपुत्रनि बिफाया सोर ?)

उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र के पिता ब्रह्मा हैं।

 

(घ) मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को किस नाम से पुकारते हैं ?

(मिश्मी सुबुंफोरा ब्रह्मपुत्रखौ मा मुंजों गाबज्रियो?)

उत्तर: मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को लुइत नाम से पुकारते हैं।

 

(ङ) प्रमुख नदी-द्वीप माजुली किसकी गोद में बचा है?

(गाहाय दैमा दिप माजुलीआ सोरनि गोरबोयाव दं?)

उत्तर: प्रमुख नदी-द्वीप माजुली ब्रह्मपुत्र की गोद में बच्चा है।

 

(च) नीलाचल पहाड़ी पर किसका मंदिर है?

(निलाचल हाजोआव सोरनि मन्दिर दं?)

उत्तर: नीलाचल पहाड़ी पर माँ कामाख्या का मंदिर है।

 

2.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो :

(गाहायाव होनाय सोंलुफोरनि फिन्नाय हो)

 

(क) ब्रह्मपुत्र के जन्म के साथ किन-किन का संबंध बताया जाता है?

(ब्रह्मपुत्रनि जोनोमजों लोगोसे माबे- माबेनि सोमोन्दो मख’नाय जायो?) 

उत्तर: ब्रह्मापुत्र के जन्म को लेकर पुराणों में कहा गया है कि ब्रह्मापुत्र की माँ अमोघा है और ब्रह्मा उसके पिता। हिमालय, कैलाश पर्वत, मानसरोवर आदि का संबंध बताया जाता हैं ब्रह्मपुत्र के जन्म के साथ।

 

(ख) ब्रह्मपुत्र की सही उत्पति कहाँ से हुई?

(ब्रह्मपुत्रनि गुबै जोनोमा बबेयाव जादों?)

उत्तर: कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर के पास एक बड़ी हिमानी (चेमा यूंगदंग ग्लेशियर) है, जो ब्रह्मपुत्र से 100 किलोमिटर दुरी पर हैं। और पृथ्वी सतह से 5100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसे ही ब्रह्मपुत्र का सही उत्पत्ति माना गया है।

 

(ग) ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी तथा बाईं ओर से आकर मिलने वाली नदियों के नाम लिखो।

(ब्रह्मपुत्रजों लोगोसे आगदा आरो आगसिथिंजायनिफ्राय बोहैबोना लोगोलाफैग्रा दैमाफोरनि मुंखौ लिर।)

उत्तर: ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी ओर से मिलने वाली नदियाँ: सुबनसिरी, जीयाभरली, धनसिरी, बरनदी, मानस, सोणकोष, तिस्ता आदि। 

ब्रह्मपुत्र के साथ बाईं ओर से मिलने वाली नदियाँ: बुढ़ी दिहिंग, दिबांग, दिहांग, दिखौ, झांझी, जियाराम आदि।

 

(घ) बांग्लादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को किन नामों से जाना जाता है?

(बांलादेस आव हाबनायनि उनाव ब्रह्मपुत्र खौ मा मुंफोरजों मिथिनाय जायो?)

उत्तर: बांग्लादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को जमुना, पद्मा, मेघना आदि नामों से जाना जाता है।

 

(ङ) बरसात के दिनों के ब्रह्मपुत्र का वर्णन करो।

(अखानि दिनफोराव ब्रह्मपुत्रखौ बरनाय।)

उत्तर: बरसात के दिनों में ब्रह्मपुत्र का जल तेज़ मुड़मुड़ाहट के साथ बढ़ जाता है और यह इसे सह नहीं पाता। इसके किनारों पर लगे वनों को लालची मनुष्य काट रहे हैं, जिससे इसकी बाढ़ की विनाशकता बढ़ जाती है।

 

(च) भूगर्भ शास्त्र के विद्वान ब्रह्मपुत्र की उत्पत्ति कहाँ से मानते हैं?

(भुमबिगियान फरायसंगिरिफोरा ब्रह्मपुत्रनि गुदिखौ बबेनिफ्राय जादों होन्ना सान्दों?)

उत्तर: भूगर्भ शास्त्र के विद्वान मानते हैं कि ब्रह्मापुत्र हिमालय से भी पहले जन्मा था। उनके अनुसार कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर से 100 किलोमीटर की दूरी पर एक बड़ी हिमानी से ब्रह्मापुत्र का जन्म हुआ है।

 

(छ) ब्रह्मपुत्र-जैसे जलमार्ग के जरिए कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हुई हैं?

(ब्रह्मपुत्र बायदि दै लामानि गेजेरजों मा मा सुबिदा जादों?)

उत्तर: ब्रह्मपुत्र-जैसे जलमार्गों के जरिए लोगों को अनेक सुविधाएँ प्राप्त हुई हैं। इसके माध्यम से परिवहन और व्यापार आसानी से होता है, जिससे असम और उसके आस-पास के राज्यों का आर्थिक विकास हुआ है। इस जलमार्ग से मत्स्य पालन और सिंचाई की सुविधा भी मिलती है, जिससे किसानों को बहुत लाभ होता है। इसके अतिरिक्त पर्यटन के क्षेत्र में भी ब्रह्मपुत्र का विशेष महत्व है, क्योंकि इसकी सुंदरता अनेक यात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करती है।

 

(ज) ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम लिखो।

(ब्रह्मपुत्रनि रुगुंआव थानाय मुंदांखा नोगोरफोरनि मुंफोरखौ लिर।)

उत्तर: ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम है- धुबरी, गोवालपाड़ा, पलाशबाड़ी, शुवालकुछि, गुवाहाटी, तेजपुर, डिब्रूगढ़ आदि ।

 

3. आशय स्पष्ट करो (ओंथिखौ रोखा खालाम) :

 

(क) ‘मैं असम की संस्कृति का पोषक हूँ।’

उत्तर: इसका आशय यह है कि ब्रह्मपुत्र नदी असम की सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखती है। इसके तट पर बसे लोगों का जीवन, रीति-रिवाज, कला, संगीत और परंपराएँ इसी नदी से जुड़ी हैं। यह नदी असम की संस्कृति को पोषण देकर उसे समृद्ध बनाती है।

 

(ख) ‘मैं सिर्फ एक नद या जल-प्रवाह नहीं हूँ। मैं अपने समाज का एक विनम्र सहायक और सखा भी हूँ।’

उत्तर: इसका आशय यह है कि ब्रह्मपुत्र केवल पानी की धारा नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह नदी समाज को जल, भोजन, रोजगार और परिवहन जैसी सुविधाएँ देकर उनकी सहायता करती है। यह लोगों की सखी (मित्र) की तरह उनके सुख-दुःख में साथ रहती है और उनके जीवन को संवारती है। 

 

4. निम्नांकित प्रश्नों के दिए गए उत्तरों में से एक उत्तर सही है। सही उत्तर का चयन करो:

(गाहायाव होनाय सोंलुफोरनि थाखाय मोनसे थार फिन्नाय होनाय जादों। थार फिन्नायखौ सायख’।)

 

(क) ………………. नामक राष्ट्रीय उद्यान मेरा साथी है।

        (अ) मानस            (आ) ओरांग 

        (इ) बुढ़ापहाड़        (ई) काजीरंगा

उत्तर: (ई) काजीरंगा

 

(ख) ………………. ने मुझे विषय बनाकर एक उपन्यास लिखा है।

       (अ) प्रेमचंद           (आ) जयशंकर प्रसाद

       (इ) देवेंद्र सत्यार्थी    (ई) डॉ. भूपेन हाजरिका

उत्तर: इ) देवेंद्र सत्यार्थी

 

(ग) इस ……………. से मैं उग्र हो जाता हूँ।

       (अ) कमजोरी        (आ) थकान

       (इ) व्यस्तता           (ई) बोझ

उत्तर: (आ) थकान 

 

(घ) मेरे किनारों पर लगे वनों को ………….. मनुष्यों ने नष्ट कर दिया है।

         (अ) दुष्ट           (आ) लोभी

         (इ) लालची       (ई) मूर्ख

उत्तर: (इ) लालची 

 

 

पाठ के आस-पास :

 

ह्वेनसांग कौन था? वह किसके शासनकाल में असम आया था और उसने असम के बारे में क्या लिखा है? अपने शिक्षक-शिक्षिका की मदद से पूरी जानकारी प्राप्त करो।

(ह्वेनसांग आ सोरमोन? सोरनि खुंथायनि समाव बियो आसामाव फैदोंमोन आरो आसामनि सोमोन्दै मा लिरदोंमोन? नोंथांनि फोरोंगिरिनि हेफाजाबजों आबुं खारिथि मोननो हागोन।)

उत्तर: ह्वेनसांग, जिसे ‘तीर्थयात्रियों का राजकुमार’ कहा जाता है, एक प्रसिद्ध चीनी बौद्ध भिक्षु था जो 7वीं शताब्दी ईस्वी में बौद्ध ग्रंथों के अध्ययन के लिए भारत आया था। वह मुख्य रूप से उत्तर भारत के सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान रहा। लगभग 642-43 ईस्वी में, उन्हें कामरूप (असम) के राजा भास्करवर्मन ने निमंत्रण भेजा, जिसके बाद उन्होंने इस राज्य का दौरा किया। ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक ‘सी-यू-की’ में कामरूप का वर्णन एक ऐसे राज्य के रूप में किया है जिसकी जलवायु नम और सुहावनी थी, लोग सज्जन और उत्साही थे, और राजा विद्वानों का सम्मान करता था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में हिन्दू धर्म (देव पूजा) और विभिन्न पंथों का प्रभाव अधिक था।

अतिरिक्त प्रश्नों के उत्तर

 

अतिरिक्त प्रश्नों  (उफ्रा सोंथि)
 
1. ब्रह्मपुत्र नदी का जन्म कहाँ से हुआ है?

उत्तर: ब्रह्मपुत्र का जन्म तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास मान सरोवर से हुआ है।

 

2. तिब्बत में ब्रह्मपुत्र को किस नाम से पुकारा जाता है?

उत्तर: तिब्बत में इसे  त्सांगपो  नाम से पुकारा जाता है।

 

3. ब्रह्मपुत्र भारत के किस राज्य से होकर बहती है? 

उत्तर: ब्रह्मपुत्र नदी भारत में मुख्य रूप से अरुणाचल प्रदेश और असम राज्यों से होकर बहती है।

 

4. अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र को किस नाम से जाना जाता है? 

उत्तर: अरुणाचल प्रदेश में इसे दिहांग या सियांग नाम से जाना जाता है।

 

5. ब्रह्मपुत्र को ‘महाबाहु’ क्यों कहा जाता है?

उत्तर: इसकी विशालता, शक्ति और पुरुषवाची नाम के कारण इसे महाबाहु कहा जाता है।

 

6. ब्रह्मपुत्र के तट पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ का नाम क्या है?

उत्तर: माँ कामाख्या का मंदिर।

 

7. वह प्रसिद्ध नदी-द्वीप कौन-सा है जिसे ब्रह्मपुत्र अपनी गोद में बच्चा कहती है?

उत्तर: माजुली।

 

8. किस मौसम में ब्रह्मपुत्र का जल तेज़ मुड़मुड़ाहट के साथ बढ़ जाता है?

उत्तर: बरसात के दिनों में।

Class 8 Other Subjects: थाखो 8 नि गुबुन आयदाफोर

1. MIL-Bodo

2. English

3. Science

4. Social Science

5. Mathematics

Hindi :

1. Class 6 Hindi

2. Class 7 Hindi

3. Class 8 Hindi

4. Class 9 Hindi

5. Class 10 Hindi

Note: If you find any mistakes in these questions and answers, you can tell us or correct it yourself. 

जुदि नोंथाङा बेफोर सोंथिफोर आरो फिननायाव माबा गोरोन्थि मोनो, अब्ला नोंथाङा जोंनो खोन्थानो हागोन एबा गावनो बेखौ सुद्रायनो हागोन।

FAQ:

1. Where can I get पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 Bodo Medium Question Answer?

You can get complete पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 Bodo Medium Question Answer on Bodoland Library with easy explanations in Bodo Medium.

 

2. Is this lesson included in the SEBA/SERT Class 8 Hindi syllabus? 

Yes, the SEBA Class 8 Hindi syllabus and is prescribed by the Board of Secondary Education, Assam (SEBA)/SERT.

 

3. Is the “पाठ-14 मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र | SEBA Class 8 Hindi Chapter 14 lesson important for exam preparation?

Yes, questions from this lesson are commonly asked in SEBA Class 8 Hindi exams, including short answers, long answers, and vocabulary-based questions.

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