पाठ-3 मैडम मेरी क्यूरी SEBA Class 8 Hindi Chapter-3 Bodo Medium Question Answer
The lesson “मैडम मेरी क्यूरी” from SEBA Class 8 Hindi Chapter-3 highlights the inspiring life and achievements of the world-famous scientist Marie Curie. This chapter explains her dedication to science, her struggle against hardships, and her historic contribution to the discovery of radium and radioactivity. Through her life story, students learn about hard work, determination, sacrifice, and the power of knowledge.
This lesson also teaches the importance of women empowerment, scientific thinking, and service to humanity. Marie Curie’s life motivates students to face challenges with courage and never give up on their dreams.
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पाठ-3 मैडम मेरी क्यूरी SEBA Class 8 Hindi Chapter-3 Bodo Medium Question Answer
पाठ-3
मैडम मेरी क्यूरी
पाठ से (फरानिफ्रायः) :
1. उत्तर दो (फिन हो):
(क) मेरी क्यूरी का संक्षिप्त परिचय दो। (मेरी क्यूरीनि मोनसे सुंद ‘सिनायथि हो।)
उत्तर: मेरी क्यूरी का जन्म 1867 ई. में 7 नवंबर को वारसा (पोलैंड) में हुआ था। मेरी क्यूरी बचपन में मारिया स्कोलोडोवस्का नाम से जानी जाती थीं। दोस्त प्यार से उन्हें मान्या पुकारते थे। मेरी के पिता-माता दोनों अध्यापक थे। मेरी एक विशिष्ट महिला वैज्ञानिक थीं जिन्होंने रेडियोधर्मिता का अध्ययन किया और रेडियम व पोलोनियम की खोज की। उन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने विज्ञान एवं मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और 4 जुलाई 1934 को विकिरण के कारण पैदा हुई समस्याओं से उनका निधन हुआ।
(मेरी क्यूरी नि जोनोमा 7 नबेम्बर 1867 माइथायाव वारसा (पलेन्ड) आव जादोंमोन। मैरी क्यूरीआ गावनि उन्दै समाव मारिया स्क्ल’ड’वस्का मुङै मिथिजायोमोन। लोगोफोरा बिखौ अननायजों मान्या बुंदोंमोन। मेरीनि बिमा-बिफा सानैआबो फोरोंगिरिमोन। मेरिआ सासे मुंदांखा आइजो बिगियानगिरिमोन जाय रेडिय’ एक्टिभिटिखौ फरायदोंमोन आरो रेडियम आरो पल’नियामखौ दिहुनदोंमोन। बिथाङा खननै नबेल बान्थाजों मान होजादोंमोन। बिथाङा बिगियान आरो मानसिफोरनि थाखाय मख ‘जाथाव बिहोमा होदोंमोन आरो 4 जुलाई 1934 मायथाइयाव रेडिएसनजों जानाय जेंनाफोरनि थाखाय रुंसारि जादोंमोन।)
(ख) मैडम क्यूरी को किस-किस विषय में और कब-कब नोबेल पुरस्कार मिले थे?
(मैडम क्यूरी आ बबे आयदाफोराव आरो माब्ला माब्ला नबेल बान्था मोन्दोंमोन? )
उत्तर: मैडम क्यूरी को पहला नोबेल पुरस्कार भौतिक शास्त्र में 1903 ई० में पति पियरे क्यूरी तथा हेनरी
बैकरेल के साथ संयुक्त रूप से मिला। रेडियोधर्मिता की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया गया था। 1911 ई० में दूसरी बार उन्हें रसायन शास्त्र के क्षेत्र में रेडियम के शुद्धिकरण के लिए नोबेल पुरस्कार मिला।
(मैडम क्यूरी आ गावनि बिसि पियरे क्युरी आरो हेनरी बेकरेलजों लोगोसे 1903 माइथायाव फिजिक्सआव गिबि नबेल बान्था मोननो हादोंमोन। बे बान्थाखौ रेडिय’ एक्टिभिटिखौ दिहुननायनि थाखाय होनाय जादोंमोन।
1911 मायथाइयाव, नैथि खेबनि थाखाय, बिथाङा रेडियामनि गोगो खालामनायनि थाखाय रसायन बिगियानाव नबेल बान्था मोननो हादोंमोन।)
(ग) मैडम क्यूरी ने किन चीजों की खोज की? शोध-कार्य के समय उन्हें कौन-सी परेशानियाँ उठानी पड़ीं ?
( मेदाम क्युरीया मा दिहुनदोंमोन? बिजिरसंनायनि समाव बियो माबायदि जेंनाफोर रुजुनना लानांदोंमोन ? )
उत्तर: मैडम क्यूरी ने पोलोनियम तत्त्व, रेडियम और रेडियोधर्मिता की खोज की थी ।
शोध-कार्य के समय उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। क्योंकि उनके पास उपयुक्त प्रयोगशाला नहीं थी। न पर्याप्त उपकरण थे, न पर्याप्त मात्रा में कच्चे खनिज। प्रयोगशाला में गैस निकासी की व्यवस्था भी न थी। वहाँ का वातावरण दूषित और अस्वास्थ्यकर था।
(घ) मेरी क्यूरी की खोज मानव समाज के लिए किस तरह लाभकारी सिद्ध हुई?
( मेरि क्यूरीनि दिहुननाया माबोरै सुबुं समाजनि थाखाय मुलाम्फा गोनां फोरमान जादोंमोन? )
उत्तर: मेरी क्यूरी की रेडियोधर्मिता रश्मियों की सहायता से मनुष्य के शरीर के अंदर के भाग को भी देखना संभव हो गया। उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि रेडियम कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी पर भी बहुत प्रभावकारी है। इसी तरह मेरी क्यूरी की खोज मानव समाज के लिए लाभकारी सिद्ध हुई ।
(मेरि क्यूरीनि रेडिअ’एक्टिभिटि रेफोरनि हेफाजाबजों मानसिनि देहानि सिंनि बाहागोखौ नायनो हानायखौ जाथावना खालामदोंमोन। बांसिन गोनांसिनै, रेडियामा केनसार बायदि जिउ लांग्रा बेरामफोरनि बेरेखायैबो जोबोद गोहोम गोनां। बेबायदियै, मैरी क्यूरीनि दिहुननाया सुबुं समाजनि थाखाय मुलामफा गोनां फोरमान जायो।
(ङ) रेडियोधर्मी रश्मियों की कौन-सी विशेषताएँ हैं?
(रेडिअएकटिभ रोदाफोरनि आखुथायफ्रा मा मा?)
उत्तर: रेडियोधर्मी रश्मियों की विशेषता यह है कि कोई हीरा असली है या नकली इसका पता रेडियोधर्मी रश्मियों से लगाया जा सकता है। इसके अलावा इन राशियों से मनुष्य के शरीर के अंदर के भाग को भी देखा जा सकता है।
(रेडिय’एक्टिब रोदाफोरनि आखुथाइआ बेनो दि मोनसे हीराया नंगुबै ना नंखाय बेखौ रेडिय’ एक्टिब रोदाफोरजों मिथिनो हायो। बेनि अनगायैबो बे रोदाफोरजों मानसिनि देहानि सिंनि बाहागोखौबो नुनो हानाय जायो।)
(च) मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अलवर्ट आइनस्टाइन ने क्या कहा था?
(अल्बर्ट आइनस्टाइनआ मैरी क्यूरीनि थैनायनि सायाव मा बुंदोंमोन?)
उत्तर: मेरी क्यूरी की मृत्यु पर अलवर्ट आइनस्टाइन ने कहा था- “दुनिया की प्रसिद्ध हस्तियों में यह एक ऐसा नाम है, जो आजीवन बेदाग रहा।” मानव समाज उनकी युगांतरकारी खोजों और महान कल्याणकारी कार्यों को हमेशा याद रखेगा।
(मैरी क्यूरीनि थैनायनि सायाव, अल्बर्ट आइनस्टाइनआ बुंदोंमोन, “मुलुगनि मुंदांखा सुबुंफोरनि गेजेराव, बे मोनसे मुं जाय बिथांनि गासै जिउआवनो गोथार जाना दं।” सुबुं समाजआ बिथांनि मुगानि दिहुनथायफोर आरो मोजां मोजां खामानिफोरखौ जेब्लाबो गोसोखांगोन।)
2. सही उत्तर चुनकर लिखो (थार फिननायखौ सायख’ना लिर) :
(क) मैडम क्यूरी की बड़ी पुत्री का नाम आइरीन / पियरे / जुलियेट था।
उत्तर: आईरीन
(ख) पियरे क्यूरी की मृत्यु सड़क दुर्घटना / बीमारी / बुढ़ापा के कारण हुई।
उत्तर: सड़क दुर्घटना
(ग) मेरी को दूसरी बार भौतिक शास्त्र/रसायन शास्त्र/अर्थशास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार मिला।
उत्तर: रसायन शास्त्र
(घ) मैडम क्यूरी को मधुमेह/ कैंसर/ एनिमिया की बीमारी हुई थी।
उत्तर: एनिमिया
(ङ) पोलैंड / फ्रांस / भारत / इटली में मैडम क्यूरी का जन्म हुआ था।
उत्तर: पोलैंड
3. खाली जगहों को पूर्ति करो (लांदां जायगाफोरखौ आबुं खालाम) :
(क) क्यूरी दंपति का यह शोध-कार्य धैर्य, ……………………. और …………………. की मिसाल था।
उत्तर: अध्यवसाय और आत्मत्याग
(ख) मेरी ने इस विश्वयुद्ध में अपनी बेटी आइरीन के साथ …………………….. इकाई का गठन किया और सेविका बनकर घायलों की ……………….. की।
उत्तर: सचल एक्सरे, चिकित्सा
(ग) मानव समाज उनकी …………………….. खोजों और महान …………………… कार्यों को हमेशा याद रखेगा।
उत्तर: युगांतरकारी, कल्याणकारी
पाठ के आस-पास :
1. विश्व का कौन-सा वैज्ञानिक तुम्हारी दृष्टि में महानतम है और क्यों? अपने विचार लिखो।
(मुलुगनि बबे बिगियानगिरिया नोंनि नोजोराव बयनिख्रुइबो देरसिन आरो मानो? गावनि साननायखौ लिर ।
2. क्या तुम वैज्ञानिक बनना चाहते हो? यदि हाँ तो क्यों? यदि ना तो क्यों नहीं?
(नों बिगियानगिरि जानो लुबैयो ना? जुदि लुबैयोब्ला मानो? जुदि लुबैयाब्ला मानो लुबैया ? )
3. क्यूरी दंपति का कौन-सा आविष्कार तुम्हारी नजर में महत्वपूर्ण है और क्यों?
(क्यूरी बिसि-फिसायनि बबे दिहुनथाया नोंनि नोजोराव गोनां आरो मानो?)
भाषा-अध्ययन :
1.
(क) आज हम उनके भाग्य को सराहते हैं।
(ख) 1891 ई० में वे रेलगाड़ी से पेरिस के लिए रवाना हो गईं।
(ग) चिकित्सा विज्ञान और रोगों के उपचार में यह एक क्रांतिकारी खोज साबित हुई।
(घ) उन्होंने रेडियम की खोज की।
ऊपर दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्द सर्वनाम हैं। उस विकारी शब्द को सर्वनाम कहते हैं जो पूर्वापर
संबंध से किसी भी संज्ञा के स्थान में आता है। तुमने जो पाठ पढ़ा है, उसमें ऐसे शब्द अनेक वाक्यों में
हैं। उनमें से कुछ वाक्य चुनकर लिखो और सर्वनामों की पहचान करो।
2. सर्वनाम के छह भेद माने जाते हैं-
(क) पुरुषवाचक सर्वनाम (मैं, हम, तू, तुम, आप)
(ख) निजवाचक सर्वनाम (आप)
(ग) निश्चयवाचक सर्वनाम (यह, वह, ये, वे)
(घ) अनिश्चयवाचक सर्वनाम (कोई, कुछ)
(ङ) प्रश्नवाचक सर्वनाम (कौन, क्या)
(च) संबंधवाचक सर्वनाम (जो – सो)
अब निम्नलिखित वाक्यों के कोष्ठकों में दिए गए सर्वनामों में से उपयुक्त सर्वनाम चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करो :
(क) …………………………. खाकर ही बाजार निकलो। (कौन/कुछ / कोई)
(ख) …………………………. संवाददाता ने यह सूचना दी है। (हम/ हमारे / आप)
(ग) ………………………….. एक कुत्ता है, जो अकारण नहीं भूँकता। (तेरे/ मेरा/ मैं)
(घ) ………………………….. अपने काम पर लौट आया। (मैं/हम/आप)
(ङ) ………………………… कमाएगा वही खाएगा। (वे/जो /कुछ)
उत्तर: (क) कुछ
(ख) हमारे
(ग) मेरा
(घ) मैं
(ङ)जो
3. निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़ो और समझो (गाहायाव होनाय बाथ्राफोरखौ मोजाङै फराय आरो बुजि):
(क) वह खाता है। (सामान्य वर्तमान)
(ख) मैं पढ़ रहा हूँ। (तात्कालिक वर्तमान)
(ग) प्रेरणा जाती होगी। (संदिग्ध वर्तमान)
उपर्युक्त वाक्यों को पढ़ने से यह पता चलता है कि इन वाक्यों की क्रियाओं से वर्तमान में कुछ होने
या करने का बोध हो रहा है। क्रिया-व्यापार की निरंतरता को ही वर्तमान काल कहते हैं। इसके तीन
भेद हैं, जो कोष्ठक में दिखाए गए हैं। अब तुम भी इन वाक्यों के आधार पर कुछ वाक्य बनाओ।
4. नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। दायीं ओर दिए गए सही क्रिया-रूपों को चुनकर उन वाक्यों को पूरा करो :
(गाहायाव माखासे बाथ्राफोर होनाय जादों। आगदाथिं होनाय थार क्रिया महरफोरखौ सायख’नानै बै बाथ्राफोरखौ आबुं खालाम।)
(क) गाय हमें दूध …………………. है।
उत्तर: देती
(ख) स्कूल में बहुत लड़के ………………….. हैं।
उत्तर: पढ़ते
(ग) अमन इस बार छुट्टी में दिल्ली ……………………… ।
उत्तर: जाएगा
(घ) रीता ने खरगोश को गाजर ………………………… ।
उत्तर: खिलाया
(ङ) मजदूर मिलकर काम …………………………. हैं ।
उत्तर: करते
(च) सचिन हमेशा क्रिकेट ………………………… है।
उत्तर: खेलता
Hindi :
Note: If you find any mistakes in these questions and answers, you can tell us or correct it yourself.
जुदि नोंथाङा बेफोर सोंथिफोर आरो फिननायाव माबा गोरोन्थि मोनो, अब्ला नोंथाङा जोंनो खोन्थानो हागोन एबा गावनो बेखौ सुद्रायनो हागोन।
FAQ:
1. Where can I get पाठ-3 मैडम मेरी क्यूरी SEBA Class 8 Hindi Chapter-3 Bodo Medium Question Answer?
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2. Is this lesson included in the SEBA/SERT Class 8 Hindi syllabus?
Yes, the SEBA Class 8 Hindi syllabus and is prescribed by the Board of Secondary Education, Assam (SEBA)/SERT.
3. Is the “पाठ-3 मैडम मेरी क्यूरी SEBA Class 8 Hindi Chapter-3“ lesson important for exam preparation?
Yes, questions from this lesson are commonly asked in SEBA Class 8 Hindi exams, including short answers, long answers, and vocabulary-based questions.